
आदिवासी समाज की 16 सूत्रीय मांगें, जमीन कब्जे से फर्जी जाति प्रमाण पत्र तक जांच की मांग
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। सर्व आदिवासी समाज ने 24 अक्टूबर को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर 16 सूत्रीय मांगें रखीं। समाज ने आदिवासियों की पैतृक जमीन पर कथित अवैध कब्जे, गैर-आदिवासियों को भूमि बिक्री, फर्जी जाति प्रमाण पत्र, अवैध पट्टों, लंबित राजस्व प्रकरणों और जातिसूचक गाली-गलौज के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

समाज ने नरबदिया बाई की पैतृक भूमि, देवरगांव में जमीन पर कब्जे, अमारू में बेदखली, वन भूमि पर कथित अवैध पट्टों और वन अधिकार पट्टों की जमीन पर कब्जे जैसे मामलों में कार्रवाई की मांग उठाई। इसके अलावा गुमशुदा महिला की तलाश, लंबित राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा पारंपरिक देवगुड़ी और देवस्थलों की पहचान सुरक्षित रखने की मांग भी की गई।
सर्व आदिवासी समाज ने प्रशासन से सभी 16 बिंदुओं पर अलग-अलग जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।

“एक तीर, एक कमान—सर्व आदिवासी एक समान।”
















